Ya Devi Sarva Bhuteshu In Hindi: Pdf
या देवी सर्वभूतेषु: माँ दुर्गा की दिव्य स्तुति (Devi Stuti)
आगे बढ़ते हुए विवेक एक विद्यालय के पास पहुँचा। वहाँ एक छोटा लड़का अपने गुरु से सवाल पूछ रहा था। गुरु जी ने जैसे ही उसका उत्तर दिया, विवेक को लगा जैसे बादलों से सूरज निकला हो। उस गुरु की वाणी में इतनी तेजस्विता और ज्ञान था। विवेक के मन में फिर से वही श्लोक गूंजा: "या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।" (जो सभी प्राणियों में बुद्धि के रूप में स्थित हैं।)
या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ya devi sarva bhuteshu in hindi pdf
या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ya devi sarva bhuteshu in hindi pdf
उसे यह समझने में कठिनाई हुई। "भूख में देवी कैसे हो सकती हैं?" लेकिन तभी उसे समझ आया कि भूख ही वह शक्ति है जो हमें जीने के लिए प्रेरित करती है। जब हम भोजन करते हैं, तो हम देवी की उस अग्नि को शांत करते हैं। उसने उस बच्ची को भोजन कराया और उसे भी देवी का ही स्वरूप माना।
इसका हिंदी अर्थ है: मंत्र के मुख्य रूप ya devi sarva bhuteshu in hindi pdf
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥