Kabristan Me Fatiha - Ka Tarika [top]

पढ़ने के बाद हाथ उठाकर अल्लाह से दुआ करें। दुआ में कहें: "ऐ अल्लाह, मैंने जो कुछ भी पढ़ा है, इसमें जो गलतियां हुई हों उन्हें माफ फरमा और इसका सवाब (Reward) इस मरहूम (मरने वाले का नाम लें) की रूह को पेश करता हूँ, इसे कुबूल फरमा।"

जोर-जोर से रोना या चीखना-चिल्लाना मना है। आप खामोशी से आंसू बहा सकते हैं। निष्कर्ष kabristan me fatiha ka tarika

आखिर में फिर से 3 बार वही दरूद शरीफ पढ़ें जो शुरू में पढ़ा था। मैंने जो कुछ भी पढ़ा है

कब्रिस्तान में दुनियावी बातें, हंसना या शोर मचाना अदब के खिलाफ है। kabristan me fatiha ka tarika

Reward ( thawab ) is believed to reach the dead by Allah's will.

After the Quranic recitation, recite Durood Shareef (Salawat) upon the Prophet Muhammad (PBUH).